
हंसवा कस्बे में डबल मर्डर से दहशत, नशे और अवैध संबंधों ने ली तीन जिंदगियों की कीमत
शेखर सिद्दीकी
फतेहपुर जनपद के थरियाव थाना क्षेत्र के हंसवा कस्बे में हुई दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां दोस्ती, नशा और अवैध संबंधों के शक ने ऐसा खूनी रूप लिया कि एक के बाद एक दो हत्याएं हो गईं, जबकि एक युवती जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हसवा कस्बे में दो दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि एक दोस्त ने दूसरे दोस्त पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी नशे की हालत में बौखलाया हुआ अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी ही भाभी और बहन पर जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल भाभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, आरोपी की बहन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसे प्राथमिक इलाज के बाद हैलट अस्पताल कानपुर रेफर किया गया है। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे कस्बे में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी दहशत का माहौल है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की तो वहां से सैकड़ों की संख्या में इंजेक्शन और सिरिंज बरामद हुईं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और उसके आसपास के लोग नशीले इंजेक्शनों का सेवन करते थे। पुलिस हिरासत में आरोपी ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसे शक था कि उसके दोस्त के उसकी भाभी के साथ अवैध संबंध थे, इसी शक ने उसे इस खौफनाक कदम तक पहुंचा दिया।
इस वारदात के बाद इलाके में नशीले इंजेक्शनों की खुलेआम बिक्री का मुद्दा भी जोर पकड़ने लगा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थरियाव थाना क्षेत्र के अम्बापुर स्थित मेडिकल स्टोरों पर नशीले इंजेक्शन धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। युवाओं में बढ़ते अपराध और हिंसक घटनाओं के पीछे नशीले इंजेक्शनों की बड़ी भूमिका बताई जा रही है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि जिले में नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई आखिर कौन कर रहा है और किसके संरक्षण में यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और संबंधित विभाग सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। वहीं, यह डबल मर्डर कांड प्रशासन के लिए भी एक बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर कब तक नशे का यह जहर यूं ही मासूम जिंदगियों को निगलता रहेगा।

