
तालाब पर कब्ज़े की कोशिश, ग्रामीणों का फूटा ग़ुस्सा तहसील की चौखट पर पहुंचा इंसाफ़ का शोर
सुरेश पटेल बिन्दकी, फतेहपुर।
गांव का वो तालाब जो कभी पशुओं की प्यास बुझाता था, खेतों को जीवन देता था,आज दबंगई की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है। बिन्दकी तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा जफराबाद के मजरे कुंदनपुर से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष न्याय की आस लेकर तहसील पहुंचे और तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर अपना दर्द बयां किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिन्दकी नगर निवासी सौरभ गुप्ता द्वारा ग्राम सभा के तालाब पर जेसीबी से जबरन मिट्टी भरवाकर कब्ज़ा करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही तालाब है जिसकी पैमाइश पहले ही कराई जा चुकी है और ग्राम प्रधान द्वारा सीमांकन के लिए पिलर भी लगवाए गए थे।आरोप है कि कब्ज़े की इस कोशिश में हरे-भरे पेड़ों की कटान भी कराई गई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गांव वालों का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकियां दी गईं। दबंगई के बल पर तालाबी भूमि हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।ग्रामीण महिलाओं की आंखों में आक्रोश और बेबसी साफ झलक रही थी। उनका कहना था कि यदि आज तालाब नहीं बचा तो आने वाली पीढ़ियों को पानी के लिए तरसना पड़ेगा। तालाब केवल ज़मीन नहीं, गांव की ज़िंदगी है।ग्रामीणों ने तहसीलदार बिन्दकी को ज्ञापन सौंपते हुए तालाबी रकबे को अतिक्रमण से मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में तहसीलदार अचलेश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कराकर उचित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन गांव के तालाब को दबंगों से बचाने में कितना गंभीर कदम उठाता है क्योंकि यहां सवाल सिर्फ ज़मीन का नहीं, गांव के भविष्य का है।
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