
डबल अटैक केस का दुखद अंत: पत्नी-बेटी पर हमला कर फरार सिपाही का छठवें दिन यमुना में मिला शव
शेखर सिद्दीकी
बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र में पत्नी और तीन वर्षीय मासूम बेटी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर फरार हुए डायल-112 में तैनात सिपाही गौरव यादव के मामले का सोमवार को दर्दनाक अंत हो गया। फरार सिपाही का शव यमुना नदी में पुल से करीब 400 मीटर दूर रमसोलेपुर के सामने कालिका मंदिर घाट के पास उतराता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया।शव बरामदगी की कार्रवाई उपनिरीक्षक दुर्ग विजय सिंह के नेतृत्व में की गई। मौके पर स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम भी मौजूद रही। घटना के बाद से लगातार यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल पा रही थी।इधर आरोपी सिपाही की तलाश और जांच के सिलसिले में मरका थाना निरीक्षक मिथिलेश सिंह रविवार रात पुलिस टीम के साथ उसके पैतृक गांव कुइंयाबूट, थाना मऊदरवाजा, जिला फर्रुखाबाद गए थे, जहां परिजनों से पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान सोमवार को यमुना नदी में शव मिलने की सूचना उन्हें फोन के माध्यम से मिली, जिसके बाद वह टीम के साथ मरका लौट रहे हैं।पुलिस के अनुसार गौरव यादव मरका थाने में पीआरवी चालक के पद पर तैनात था और मरका कस्बे में किराए के मकान में पत्नी शिवानी (27 वर्ष) और बेटी परी (3 वर्ष) के साथ रहता था। मकर संक्रांति की रात वह पत्नी और बेटी को मरका का मेला दिखाने ले गया था। रात करीब 9 बजे घर लौटने के बाद किसी पारिवारिक विवाद अथवा आपसी मतभेद को लेकर उसने कमरे का दरवाजा बंद कर कुल्हाड़ी से पत्नी और मासूम बेटी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना पर मरका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल मां-बेटी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा भेजा गया। इलाज के दौरान तीन वर्षीय परी की मौत हो गई, जबकि महिला शिवानी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका उपचार जारी है।बताया गया कि वारदात के बाद आरोपी सिपाही ने अपने भाई को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि वह रामनगर कौहन/मरका स्थित यमुना पुल से नदी में कूद गया है। तभी से एसडीआरएफ, स्थानीय गोताखोरों और पुलिस बल द्वारा बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।लगातार छह दिनों की खोजबीन के बाद सोमवार को उसका शव पुल से लगभग 400 मीटर दूर कालिका मंदिर घाट के पास मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। एक मासूम बच्ची की मौत और एक पुलिसकर्मी द्वारा किया गया यह जघन्य कृत्य समाज और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ

