खाद, पानी और बिजली को तरसे किसान।भाकियू का तहसील परिसर में प्रदर्शन, बड़े आंदोलन की चेतावनी
सुरेश पटेल बिंदकी,फतेहपुर
गरीब, असहाय और मेहनतकश किसानों की अनसुनी पीड़ा मंगलवार को तहसील परिसर में फूट पड़ी। खाद की किल्लत, बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर की मार और जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं से त्रस्त भारतीय किसान यूनियन भाकियू के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।धरने की अध्यक्षता कर रहे तहसील अध्यक्ष सुधीर प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह ने किसानों की आवाज बुलंद करते हुए कहा कि खेती के मौसम में भी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। गांव-गांव जल जीवन मिशन के नाम पर खुदाई तो कर दी गई, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है और टूटी-फूटी गलियां ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गई हैं।उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं। पहले से कर्ज में डूबे किसान अब बिजली के भारी-भरकम बिलों से और टूट चुके हैं। मजबूरी में किसान यूनियन को धरने का रास्ता अपनाना पड़ा है।जानकारी देते हुए भाकियू के तहसील अध्यक्ष ने बताया कि,किसानों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर पहुंचे तहसीलदार अचलेश सिंह ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उनके भरोसे के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान तहसीलदार की ओर से जरूरतमंद लगभग सौ किसानों को कंबल वितरित किए गए।किसान नेताओं ने साफ कहा कि अगर जल्द ही खाद, बिजली और पानी की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

