खागा में हाईटेक मर्डर का सनसनीखेज मामला, सियासी दबाव और पुलिस धमकी से वृद्ध की मौत, इलाके में उबाल
पप्पू हाशमी हथगाम फतेहपुर
फतेहपुर जनपद के खागा कोतवाली क्षेत्र में एक हाईटेक मर्डर का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कथित सियासी दिग्गजों की सरपरस्ती और पुलिस के बढ़ते दबाव से आहत एक 70 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे कस्बे में जनाक्रोश व्याप्त है।खबर विस्तार से:खागा क्षेत्र के ग्राम सिल्मी निवासी लक्ष्मीकांत तिवारी पुत्र ओमप्रकाश तिवारी (उम्र लगभग 70 वर्ष) की मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में पुलिस ने न्याय दिलाने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित किया, जिसका नतीजा वृद्ध की दर्दनाक मौत के रूप में सामने आया।परिजनों के अनुसार, खागा कस्बा निवासी रानू त्रिपाठी उर्फ प्रकाश ने लक्ष्मीकांत तिवारी से उनके पुत्र रजनीकांत को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 15 लाख रुपये लिए थे। इसके बावजूद पुत्र को कोई नौकरी नहीं दिलाई गई। इतना ही नहीं, लक्ष्मीकांत द्वारा खरीदी गई दो गाड़ियां—एक बोलेरो और एक औरा—रानू त्रिपाठी मंगनी पर मांग कर किशनपुर स्थित अपने पुश्तैनी गांव ले गया।जब लक्ष्मीकांत तिवारी ने अपना पैसा और गाड़ियां वापस मांगीं तो रानू त्रिपाठी ने साफ इनकार कर दिया। उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पैसा और गाड़ियां उनके पुत्र ने ही उनके नाम बेच दी हैं। इस बात से आहत होकर लक्ष्मीकांत तिवारी ने थाना किशनपुर में रानू त्रिपाठी के विरुद्ध तहरीर दी।आरोप है कि किशनपुर पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उल्टा लक्ष्मीकांत तिवारी को ही गिरफ्तार कर कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। बाद में किसी कारणवश उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद लक्ष्मीकांत तिवारी ने खागा कोतवाली पहुंचकर भी रानू त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।परिजनों का कहना है कि खागा कोतवाली पुलिस ने भी रानू त्रिपाठी से मिलीभगत कर रविवार देर शाम करीब 5 बजे लक्ष्मीकांत तिवारी के घर पहुंचकर उन्हें तहरीर वापस लेने की धमकी दी। पुलिस की इस कथित धमकी और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर लक्ष्मीकांत तिवारी की घर के अंदर ही मौके पर दर्दनाक मौत हो गई।महिला की चीख-पुकार, प्रशासन पर गंभीर आरोप:घटना के समय घर में मौजूद महिलाएं चीख-चीखकर मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गुनहगारों तक पहुंचने के बजाय वादी को ही डराने-धमकाने का काम किया।पोस्टमार्टम को लेकर टकराव:घटना के बाद पुलिस शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने पर अड़ी हुई है, जबकि परिजनों का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजेंगे।इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात:हाईटेक मर्डर के इस मामले को लेकर खागा कस्बे में भारी आक्रोश है। स्थिति को देखते हुए खागा सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मृतक के घर के आसपास तैनात कर दी गई है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और लोग निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में सियासी दबाव से ऊपर उठकर पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी, या फिर एक वृद्ध की मौत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।

