कप्तान हटाओ, जिला बचाओ के गगनभेदी नारे, एसपी के खिलाफ फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा एक सप्ताह में पांच हत्याओं से थर्राया फतेहपुर, वरिष्ठ अधिवक्ता जयराम मान सिंह की हत्या के बाद उग्र हुए वकील
शेखर सिद्दीकी फतेहपुर
फतेहपुर जिले में लगातार बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बदहाली को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर फूट पड़ा। एक सप्ताह के भीतर पांच हत्याओं की वारदातों से जिले में दहशत का माहौल है। ताजा मामला वरिष्ठ अधिवक्ता जयराम मान सिंह की निर्मम हत्या का है, जिसने पूरे अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। इसी के विरोध में जिला भर के अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।हजारों की संख्या में अधिवक्ता कचहरी परिसर से सड़कों पर उतर आए। “कप्तान हटाओ, जिला बचाओ”, “एसपी होश में आओ”, “अपराधियों को संरक्षण बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।अधिवक्ताओं का कहना है कि जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता जयराम मान सिंह की हत्या को अधिवक्ताओं ने कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता बताया।प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में पुलिस कप्तान के रहते अपराध पर कोई नियंत्रण नहीं है। आम जनता तो दूर, अब अधिवक्ता भी सुरक्षित नहीं हैं। यदि न्यायालय से जुड़े लोग ही असुरक्षित महसूस करेंगे तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।आक्रोशित अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एसपी को हटाकर जिले में सख्त और निष्पक्ष पुलिस अधिकारी की तैनाती नहीं की गई तथा सभी हत्याओं का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और जिलेभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन अधिवक्ताओं का गुस्सा कम होता नजर नहीं आया। पूरे घटनाक्रम से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। फिलहाल फतेहपुर में कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है और जनता की निगाहें शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

