आपदा से पहले तैयारी: जनपद का प्रशासन अलर्ट, स्टेडियम में मॉक ड्रिल
रहीस उद्दीन, ब्यूरो चीफ हमीरपुर
संभावित आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को परखने और मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को हमीरपुर के राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों ने संयुक्त रूप से अभ्यास में भाग लिया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और राहत-बचाव व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण करना रहा।
अभ्यास के दौरान आपदा की संभावित परिस्थितियों को वास्तविक रूप दिया गया। अचानक आपात स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। घायलों को सुरक्षित स्थान पर निकालने, मौके पर प्राथमिक उपचार देने और उन्हें त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया को भी बारीकी से परखा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीणा स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक विभाग की भूमिका, प्रतिक्रिया समय और आपसी तालमेल की बारीकी से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में समय की महत्ता को समझते हुए बिना घबराहट के कार्य किया जाए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि “आपदा के समय तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव होती है। यदि सभी विभाग पहले से प्रशिक्षित और समन्वित रहें तो बड़ी से बड़ी आपदा का भी प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि इन्हें नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मॉक ड्रिल के अनुभवों के आधार पर कमियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र दूर किया जाए। साथ ही उपकरणों, संसाधनों और मानव बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में तकनीक, प्रशिक्षण और अनुशासन की अहम भूमिका होती है।
मॉक ड्रिल के माध्यम से आम नागरिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और सतर्कता बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों का सहयोग प्रशासन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाता है।
कुल मिलाकर, राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित यह मॉक ड्रिल न केवल एक अभ्यास था, बल्कि हमीरपुर प्रशासन की सतर्कता, मजबूत तैयारियों और जिम्मेदार नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण भी रहा। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध नजर आया, जिससे यह भरोसा मजबूत हुआ कि हमीरपुर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सजग और सक्षम है।
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