असोथर में मोरम लदे भारी वाहनों से सड़कें जर्जर किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन हजारों ओवरलोड ट्रकों से नगर पंचायत की सड़कें बदहाल, जाम में फंसी एंबुलेंस से किसान की मौत, 19 को किसान बैठक का
शेखर सिद्दीकी
फतेहपुर जनपद के असोथर क्षेत्र से होकर गुजर रहे बांदा जिले की मोरम खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों ने नगर पंचायत असोथर और आसपास की सड़कों की हालत पूरी तरह बिगाड़ दी है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में गुजर रहे ओवरलोड ट्रक और डंपर नगर पंचायत की मुख्य सड़कों पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। असोथर नगर पंचायत की मुख्य सीसी सड़क में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि असोथर–कठौता संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन स्कूली बच्चों, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के गिरकर घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों में इसे लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो हालात और भयावह हो सकते हैं।असोथर ब्लॉक मुख्यालय से थरियांव होते हुए जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी कई स्थानों पर टूट-फूट और गड्ढों से छलनी हो चुका है। नगर पंचायत क्षेत्र में भारी वाहनों के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जाम का सबसे बड़ा खामियाजा एंबुलेंस, स्कूल बस और आवश्यक सेवाओं को उठाना पड़ रहा है।बीती 12 जनवरी को दोपहर एक गंभीर घायल किसान को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन असोथर नगर पंचायत के मुख्य बाजार में भारी जाम के कारण एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही। अस्पताल पहुंचने पर बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र निवासी किसान को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में रोष और आक्रोश और बढ़ गया है।भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन को चेतावनी दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक असोथर के माध्यम से अपर जिलाधिकारी और खनिज अधिकारी फतेहपुर को ज्ञापन सौंपकर यूनियन ने तत्काल समाधान की मांग की है। किसान यूनियन ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।इसी क्रम में 19 तारीख, सोमवार को नगर पंचायत के वार्ड नंबर 8 मुराइन मोहल्ला में किसान बैठक आयोजित करने का ऐलान किया गया है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में क्षेत्र के किसान, जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।किसानों की प्रमुख मांग है कि सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक बालू और मोरम लदे भारी वाहनों का नगर पंचायत क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए, जिससे बच्चों, राहगीरों, किसानों और एंबुलेंस को राहत मिल सके। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते भारी वाहनों पर नियंत्रण और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।इस मौके पर किसान यूनियन अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष सोनू सिंह गौतम, उपाध्यक्ष रविदेव सिंह गौतम एडवोकेट, महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, किसान दीपू मिश्रा, नीरज कुमार, संदीप मौर्य, दुर्गेश कुमार, श्रीकृष्ण मौर्य, बालकृष्ण मौर्य, राज मौर्य, श्याम बाबू समेत बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे

