तमंचे की नोंक पर नाबालिग को घर से उठाया, महेरा गांव में दहशत बेटी बचाओ के दावों पर फिर उठा सवाल
रईस उद्दीन, ब्यूरो चीफ हमीरपुर
हमीरपुर जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब बेटियां अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं रहीं। सरकार जहां एक ओर नारी सुरक्षा दिवस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है।ताजा मामला विवार थाना क्षेत्र के महेरा गांव का है, जहां हिस्ट्रीशीटर बदमाश रिंकू और उसके एक साथी ने अवैध तमंचे की नोंक पर एक नाबालिग किशोरी का घर से अपहरण कर लिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार सदमे में है।पीड़िता के पिता के अनुसार, सुबह के समय बिच्छू गैंग से जुड़े दबंग उनके घर पहुंचे और अवैध असलहे के बल पर उनकी नाबालिग बेटी को जबरन उठा ले गए। परिजनों के शोर मचाने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए तीन आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया और स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित पिता विवार थाने पहुंचे और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और किशोरी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। हालांकि मुख्य आरोपी रिंकू और नाबालिग किशोरी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है, इसके बावजूद उस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा आज इस सनसनीखेज वारदात के रूप में सामने आया है। गांव में लोगों में आक्रोश है और वे जल्द से जल्द किशोरी की सकुशल बरामदगी और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर पाती है और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।

